सतना जिला पंचायत की संचार संकर्म समिति की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विभाग प्रमुखों पर सख्ती के संकेत दिए गए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ संभागायुक्त को कार्रवाई प्रस्ताव भेजने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
मध्य प्रदेश के मंत्री प्रहलाद पटेल ने मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने पर विभाग की उपलब्धियां बताईं। जानें 'जी राम जी' बिल, नर्मदा परिक्रमा पथ और नदी संरक्षण की योजनाओं के बारे में।
रीवा जिले में बरसात के बाद सड़कों की खस्ता हालत को लेकर जिला पंचायत में जोरदार हंगामा हुआ। पीएमजीएसवाई की 147 सड़कों को मंजूरी दी गई, लेकिन केवल दो ब्लॉकों के चयन पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। कंक्रीट सड़क बनाने की मांग के साथ अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों को सामाजिक-आर्थिक उन्नयन का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संरक्षण, गौशाला प्रबंधन और स्व-सहायता समूहों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जानें बैठक की पूरी जानकारी और मुख्य घोषणाएं।
सतना जिले का गुलुआ गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। बीते 20 वर्षों में सिर्फ एक बार मिट्टी डाली गई। बरसात में रास्ता दलदल बन जाता है जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीण नेताओं से निराश हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना के सिंहपुर में महिला सम्मेलन के दौरान डेढ़ माह में नर्मदा जल पहुंचाने का वादा करते हुए सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने का संकल्प लिया। श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के तीर्थ रूप में विकास, गौपालन के लिए अनुदान और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं की घोषणाएं की गईं।
रीवा जिले के ग्राम भोथी में आज़ादी के 77 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है। बारिश के दिनों में ग्रामीण कीचड़ में फंसे रहते हैं और गांव से पलायन कर रहे हैं। नहर निर्माण और पंचायत की उदासीनता से विकास अधूरा है।
चितरंगी क्षेत्र के कुलकवार और बगदरा गांवों के लोग आज भी बेलहवा नदी में पुल के अभाव में जान हथेली पर रखकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात में ग्रामीणों ने खुद लकड़ी और बांस से पुल बनाकर रास्ता चालू किया, विकास के सरकारी दावे हुए बेनकाब।




















